
झरिया: श्री गुरुनानक देव जी के 557वें प्रकाशोत्सव पर मंगलवार को झरिया कोयरीबांध स्थित गुरुद्वारा से बैंक मोड़ बड़ा गुरुद्वारा के लिए नगर कीर्तन व शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान जो बोले सो निहाल, सतश्री अकाल…, का उद्घोष गूंजता रहा। पंज प्यारे के आगमन पर स्त्री संगत सड़कों पर झाड़ू लगाती रहीं।

आगे-आगे पंज प्यारे हाथों में तलवार लिए चल रही थीं, नगर कीर्तन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। रागी जत्था और पंच प्यारों के साथ शोभा यात्रा भ्रमण के लिए निकली। नगर भ्रमण के बाद शोभा यात्रा धनबाद की ओर रवाना हुई। जो शोभा यात्रा बैंक मोड़ स्थित बड़ा गुरुद्वारा पहुंची। यहां फूलों की वर्षा और जोरदार आतिशबाजी के साथ नगर कीर्तन सह शोभा यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। गुरुद्वारा से निकली शोभा यात्रा कोईरीबांध होते हुए झरिया मुख्य मार्ग पर पहुंची। करीब एक किलोमीटर लंबी शोभा यात्रा के आगे-आगे केसरिया झंडा लिये युवाओं की टोली चल रही थी।

केसरिया पगड़ी बांधे युवाओं की टोली सिक्ख समुदाय के प्रतीक चिह्न, धर्म ध्वजा के साथ चल रहे थे। इनके पीछे पंच प्यारे वाहे गुरु वाहे गुरु का जाप कर रहे थे। इन सबके बीच गुरुनानक देव जी का भव्य दरबार रथ पर सवार चल रहा था। जिसके पीछे बड़ी संख्या में महिलाएं गुरुवाणी का गुणगान करते चल रही थी। नगर कीर्तन सह शोभा यात्रा में सिखों के दस गुरुओं की झांकी निकाली गई। सफेद रंग के वाहनों पर फूलों से सजे गुरुओं की झांकी का आकर्षण देखते ही बन रहा था। झांकी के साथ मोटरसाइकिल जुलूस भी साथ चल रहे थे। रथ के पीछे भक्त पवित्र जल का भी छिड़काव कर रहे थे।
शोभा यात्रा के साथ युवाओं की टोली ने अलग-अलग करतब दिखाए। तलवारबाजी के हैरतअंगेज कारनामे,रस्सियों का करतब दिखाया। खिलाड़ियों ने अपने सीने पर चार पहिया वाहन चढ़ा कर ओर अपने शरीर पर रखी ईंट को तलवार से काटकर लोगों को अचंभे में डाल दिया। सीने पर बर्फ के सिल्ली तोड़ा, वही छोटे बच्चियों ने अस्त्र-शस्त्र कला का प्रदर्शन किया। शारीरिक प्रदर्शन के दौरान मानव पिरामिड का खेल भी प्रस्तुत किए गए।
झरिया विधायक रागिनी सिंह की बड़ी बेटी शताक्षी उर्फ साक्षी सिंह ने पंज प्यारो के पैर धो एवं माला पहनाकर उनका स्वागत अभिनंदन किया। इस दौरान उन्होंने समस्त लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ने कहा कि गुरु नानकदेव जी का 557 वां प्रकाश पर्व मानवता का पर्व है। गुरुजी ने संपूर्ण दुनिया को संदेश दिया कि पूरे संपूर्ण जगत का स्वामी एक है। सभी उसी के बंदे हैं। खालसा पंथ की सबसे बड़ी विशेषता है सेवा।
सिख समाज पूरे विश्व मेें सेवा कार्यों के नाम से जाना जाता है। जब-जब मानव समाज पर संकट आया, तब-तब सिख समाज ने आगे बढ़कर जरूरतमंदों की मदद की। वही शोभा यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के बीच झरिया के कतरास मोड़ पर झरिया विधायक रागिनी सिंह के द्वारा नाश्ता, ठंडा पेयजल व फ्रूटी जूस का वितरण किया गया। जहा अखाड़ा दल के द्वारा हैरतअंगेज करतब प्रस्तुत किए गए।
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