
चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित डीडीसी सभागार में उप विकास आयुक्त (DDC) उत्कर्ष कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। यह बैठक प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-1.0 (PMKSY-1.0) के जलछाजन विकास घटक के अंतर्गत पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं के बाद उनके अनुरक्षण और रख-रखाव की रणनीति बनाने के उद्देश्य से बुलाई गई थी।

जीर्णोद्धार और मरम्मत पर चर्चा

बैठक में जिले की विभिन्न जलछाजन समितियों के अध्यक्ष और सचिवों को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त ने निर्देश दिया कि पूर्व में निर्मित संरचनाओं का समुचित लाभ किसानों को मिलता रहे, इसके लिए उनका रखरखाव अनिवार्य है। उन्होंने निर्देश दिया कि जलछाजन विकास कोष (WDF) में उपलब्ध राशि का उपयोग कर मरम्मत कार्यों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए।
मनरेगा के साथ अभिसरण (Convergence)
जिन क्षेत्रों या समितियों के पास विकास कोष में पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं है, वहां कार्यों को रोकने के बजाय मनरेगा (MGNREGA) के साथ मिलकर योजना बनाने का निर्देश दिया गया है। डीडीसी ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में जिला स्तर पर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें ताकि अभिसरण के माध्यम से जीर्णोद्धार कार्यों को जल्द से जल्द क्रियान्वित किया जा सके।
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