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निरसा: बेनागोरिया पंचायत में मनाया गया ‘राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण दिवस’; अधिकार मित्र ने निःशुल्क विधिक सहायता के अधिकार और प्रक्रिया की दी विस्तृत जानकारी

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Nov 9, 2025

 

निरसा: आज निरसा प्रखंड के बेनागोरिया पंचायत सचिवालय में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) दिवस का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम माननीय डालसा धनबाद के अध्यक्ष श्री वीरेंद्र कुमार तिवारी और सचिव श्री मयंक तुषार टोपनो के निर्देशानुसार आयोजित हुआ।

अधिकार मित्र पंकज कुमार वर्मा ने राष्ट्रीय, झारखंड और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा/डालसा) की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार, धनबाद के प्रमुख पदाधिकारी हैं:

अध्यक्ष: श्री वीरेंद्र कुमार तिवारी (प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश)

उपाध्यक्ष: श्री आदित्य रंजन (उपायुक्त, धनबाद)

सदस्य: श्री प्रभात कुमार (वरीय पुलिस अधीक्षक, धनबाद)

सचिव: श्री मयंक तुषार टोपनो (सीनियर सिविल जज, धनबाद)

 

निशुल्क विधिक सेवा का उद्देश्य

श्री पंकज कुमार वर्मा ने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 39-क के तहत हर नागरिक को सामाजिक न्याय प्रदान करने की बात की गई है, जिसके अनुसार कोई भी व्यक्ति आर्थिक या किसी अन्य कारण से न्याय से वंचित नहीं रह सकता है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए 1987 में विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम के अंतर्गत केंद्र, राज्य एवं जिला स्तर पर प्राधिकरणों का गठन किया गया।

विधिक सेवा के अंतर्गत दी जाने वाली सेवाएं

विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निम्नलिखित सेवाएं प्रदान की जाती हैं:

सरकारी खर्च पर वकील की व्यवस्था।

कोर्ट फीस के लिए खर्च।

अभिलेखों (कागजातों) को तैयार करने का खर्च।

गवाहों को आने-जाने का खर्च।

मुकदमे से संबंधित अन्य जरूरी खर्च।

निशुल्क विधिक सेवा पाने के हकदार

श्री वर्मा ने बताया कि निम्नलिखित व्यक्ति निशुल्क विधिक सेवा पाने के हकदार हैं:

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के सदस्य।

महिलाएं एवं बच्चे, मानसिक रोगी एवं दिव्यांग व्यक्ति।

अनैतिक अत्याचार के शिकार लोग, बेगार कराए जाने वाले लोग, या औद्योगिक श्रमिक।

कारागृह, किशोर गृह आदि में अभिरक्षा में रखे गए व्यक्ति।

बाढ़, सूखा, जातीय हिंसा या औद्योगिक विनाश में पीड़ित व्यक्ति।

 

ऐसे सभी लोग जिनकी वार्षिक आमदनी ₹3,00,000 से अधिक नहीं है।

आवेदन की प्रक्रिया

हकदार व्यक्ति अपने संबंधित जिले के सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को सादे कागज या दिए गए प्रारूप पर आवेदन पत्र, अपने मुकदमे का संक्षिप्त विवरण लिखकर दे सकते हैं। आवेदन के साथ वार्षिक आमदनी ₹3,00,000 से कम होने पर आय प्रमाण पत्र, और अनुसूचित जाति/जनजाति के सदस्य होने पर जाति प्रमाण पत्र लगाना अनिवार्य होगा। महिलाओं, बच्चों या मानसिक रोगियों के लिए केवल आधार कार्ड अनिवार्य होगा।

इस अवसर पर टोल फ्री नंबर 15100 की भी विशेष जानकारी दी गई।

इस जागरूकता शिविर में अधिकार मित्र अशोक कुमार पाठक, श्याम कुमार झा, नवीन कुमार, मुखिया पति लखींद्र मरांडी, और बेनागोरिया ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

 


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