
रिपोर्ट:- संजय चौहान (ब्यूरो चीफ, अंतर्कथा)

धनबाद:

धनबाद नगर निगम के मेयर पद को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। सीट के सामान्य होने की संभावनाओं के बीच दावेदारों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अब यह लगभग स्पष्ट हो गया है कि पूर्व विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह मेयर पद के लिए चुनाव मैदान में उतरेंगी। इसकी पुष्टि उनके देवर और जनता मजदूर संघ (बच्चा गुट) के महामंत्री अभिषेक सिंह ने सार्वजनिक रूप से कर दी है।
इस घोषणा के साथ ही धनबाद की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि निगम चुनाव में एक बार फिर सिंह मेंशन और रघुकुल आमने-सामने नजर आ सकते हैं। गौरतलब है कि 2024 के झरिया विधानसभा चुनाव में भी दोनों खेमों के बीच सीधी टक्कर देखने को मिली थी, जिसमें सिंह मेंशन ने जीत दर्ज की थी, जबकि 2019 में रघुकुल ने बाजी मारी थी।
अभिषेक सिंह के बयान के बाद ठंड के मौसम में भी धनबाद का सियासी पारा चढ़ गया है। शहर के अलग-अलग इलाकों में पहले से ही होर्डिंग्स लगने लगे हैं, जबकि चुनाव की तारीख अब तक घोषित नहीं हुई है। इतना ही नहीं, यह भी साफ नहीं है कि मेयर पद सामान्य रहेगा या आरक्षित, लेकिन इसके बावजूद संभावित उम्मीदवार पूरी तरह सक्रिय हो चुके हैं।
एक कार्यक्रम के दौरान अभिषेक सिंह ने झरिया क्षेत्र में हो रहे लगातार विस्थापन का मुद्दा उठाते हुए मौजूदा विधायक रागिनी सिंह पर वादे पूरे न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पूर्णिमा नीरज सिंह मेयर का चुनाव लड़कर शहरवासियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करेंगी और जनहित में सक्रिय भूमिका निभाएंगी।
सिंह मेंशन से कौन होगा उम्मीदवार?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सिंह मेंशन से मेयर पद के लिए अंतिम उम्मीदवार कौन होगा। फिलहाल इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन यह तय माना जा रहा है कि सिंह मेंशन से कोई न कोई मजबूत प्रत्याशी जरूर उतरेगा। संभावित नामों में पूर्व विधायक संजीव सिंह सहित अन्य चेहरों की भी चर्चा है।
मार्च 2026 से पहले हो सकते हैं निकाय चुनाव
सूत्रों के मुताबिक, झारखंड में नगर निकाय चुनाव 2026 के मार्च से पहले कराए जा सकते हैं। बताया जा रहा है कि पूर्णिमा नीरज सिंह महागठबंधन से समर्थन हासिल करने की कोशिश में हैं। हालांकि मेयर का चुनाव दलगत आधार पर नहीं होता, फिर भी राजनीतिक दल अपने-अपने पसंदीदा उम्मीदवारों को समर्थन देते हैं। ऐसे में यदि उन्हें गठबंधन का साथ मिल जाता है, तो धनबाद में मेयर की कुर्सी की लड़ाई बेहद रोचक हो सकती है।
भाजपा, महागठबंधन और कारोबारी वर्ग—तीनों ओर से दावेदारों की लंबी कतार लगी हुई है। रोज नए नाम सामने आ रहे हैं, जिससे यह साफ है कि इस बार धनबाद नगर निगम का चुनाव बेहद दिलचस्प होने वाला है।
धनबाद निगम चुनाव 2015: किस उम्मीदवार को मिले कितने वोट
धनबाद में वर्ष 2006 में नगर निगम का गठन हुआ था। इसके बाद 2010 में पहली बार नगर निगम का चुनाव हुआ, जिसमें इंदु देवी मेयर चुनी गईं। उस समय मेयर पद महिलाओं के लिए आरक्षित था।
इसके बाद 2015 में दूसरा नगर निगम चुनाव हुआ, जिसमें शेखर अग्रवाल मेयर निर्वाचित हुए। वर्ष 2015 में मेयर पद ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित था। इस चुनाव में कुल 23 उम्मीदवार मैदान में थे, जबकि नोटा भी एक विकल्प के रूप में मौजूद था।
आइए जानते हैं 2015 के धनबाद नगर निगम मेयर चुनाव में किस उम्मीदवार को कितने मत प्राप्त हुए—
अवधेश कुमार – 24,598
उत्पल कुमार मोदी – 9,712
कुणाल सिंह – 8,185
गणपत महतो – 11,501
गणेश कुमार गुप्ता – 10,849
चन्द्र शेखर अग्रवाल – 93,136
दिनेश कुमार महतो – 25,939
दीना नाथ ठाकुर – 8,676
प्रदीप कुमार संथालिया – 6,258
प्रहलाद साव – 6,391
भृगु नाथ भगत – 9,367
मणिलाल महतो – 5,875
मेघनाथ रवानी – 6,313
रजनीश कुमार – 6,432
रविन्द्र कुमार वर्मा – 6,666
राज कुमार अग्रवाल – 29,081
रामचंद्र रवानी – 4,633
शमसेर आलम अंसारी – 50,611
सदानन्द महतो – 35,593
संतोष कुमार महतो – 15,367
संतोष कुमार साव – 4,501
सुरेश प्रसाद यादव – 5,351
सुशील कुमार सिंह – 13,293
नोटा – 7,755
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