
नवीनगर से संदीप कुमार की रिपोर्ट

दधपा में आयोजित आचार्य जानकीवल्लभ शास्त्री महोत्सव का भव्य आगाज श्रद्धा, उत्साह और सांस्कृतिक गरिमा के साथ हुआ। महोत्सव का उद्घाटन प्रमुख धर्मेन्द्र कुमार, अशोक कुमार सिंह, चंद्रभूषण सिंह उर्फ सोनू सिंह, सिद्धेश्वर विद्यार्थी, प्रो. राजेन्द्र कुमार सिंह, राम जन्म सिंह, प्रो. दिलीप कुमार, अधिवक्ता श्रीकांत अग्रवाल, रामजी सिंह, लालदेव प्रसाद समेत कई गणमान्य अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत मध्य विद्यालय दधपा की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत से हुई, जिसने उपस्थित अतिथियों और दर्शकों का मन मोह लिया। इसके पश्चात आयोजन समिति की ओर से सभी आगत अतिथियों का माला पहनाकर, अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आचार्य जानकीवल्लभ शास्त्री के साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि आचार्य शास्त्री हिंदी साहित्य के महान स्तंभ थे, जिनकी रचनाएं आज भी समाज को संस्कार, राष्ट्रभक्ति और मानव मूल्यों का संदेश देती हैं। उनके विचार नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
महोत्सव के दौरान स्थानीय एवं बाहरी कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समां बांध दिया। गीत-संगीत, नृत्य एवं साहित्यिक प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं। कार्यक्रम स्थल पर पूरे दिन उत्सव जैसा माहौल बना रहा।आयोजन समिति ने बताया कि महोत्सव का उद्देश्य आचार्य जानकीवल्लभ शास्त्री की स्मृति को जीवंत रखना तथा नई पीढ़ी को उनके साहित्य और विचारों से जोड़ना है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, बुद्धिजीवी, छात्र-छात्राएं एवं साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।
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