• Thu. Apr 2nd, 2026

झारखंड में “मी नो पॉज़ मी प्ले” की रिलीज़: एक संवेदनशील विषय पर बनी नारी प्रधान फ़िल्म

admin's avatar

Byadmin

Nov 25, 2025
crescent ad

 

सरायकेला। मनोज कुमार शर्मा की चर्चित किताब पर आधारित फ़िल्म “मी नो पॉज़ मी प्ले” देश भर के साथ-साथ झारखंड के सिनेमाघरों में 28 नवंबर 2025 को एकसाथ रिलीज़ होगी। यह फ़िल्म एक महिला के जीवन के संवेदनशील पहलू पर आधारित है।

फ़िल्म की कहानी और विषय वस्तु

यह फ़िल्म एक नारी के जीवन पर आधारित है, विशेषकर उन गृहस्थ महिलाओं पर जो 30 से 35 वर्ष की आयु के दौरान मेनोपॉज़ (माह की समस्या) जैसी शारीरिक और भावनात्मक समस्या से गुजरती हैं। कहानी में दर्शाया गया है कि इस दौरान महिला को किन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है और जब उन्हें पति या परिवार का सहयोग नहीं मिलता, तो उसके क्या परिणाम होते हैं।

 

यह फ़िल्म मेनोपॉज़ जैसे दुर्लभ और संवेदनशील विषय को केंद्र में रखती है और उसे अत्यंत सहजता और सम्मान के साथ बड़े पर्दे पर पेश करती है।

 

प्रमुख कलाकार और टीम

श्रेणी नाम

किताब लेखक मनोज कुमार शर्मा (बॉम्बे)

निर्देशक समर के. मुखर्जी

स्क्रीनप्ले/संवाद शकील कुरैशी और मनोज कुमार शर्मा

मुख्य भूमिका काम्या पंजाबी, दीपशिखा नागपाल, मनोज कुमार शर्मा

अहम किरदार अमन वर्मा और करण सिंह छाबड़ा

विशेष उपस्थिति सुधा चंद्रन (गाने में)

गायक उषा उत्थुप और प्रभजीत कौर

संगीत शिवांग माथुर और अमृतांशु दत्ता

गीतकार शायरा अपूर्वा

फ़िल्म के टाइटल ट्रैक “फ़िक्रों” को एक मोटिवेशनल गीत बताया गया है, जो उषा उत्थुप की प्रभावशाली आवाज़ और युवा ऊर्जा के मेल से तैयार हुआ है।

झारखंड में रिलीज़ स्थान

यह फ़िल्म 28 नवंबर 2025 को झारखंड राज्य के निम्नलिखित शहरों के थिएटरों में एकसाथ रिलीज़ होगी:

रांची (राजधानी)

जमशेदपुर (PGP सिनेपोलिस थिएटर)

बोकारो (PGP सिनेपोलिस थिएटर)

सरायकेला

प्रचार प्रसार में जुड़े लोग

अंतर्राष्ट्रीय ज्यूरी अवार्ड प्राप्त निर्माता सुधीर गोराई, निर्देशक दीना पांडा (भोजपुरी सिनेमा), अभिनेत्री सुस्मिता सरकार, और राढ़ बंगला सिने जगत की मशहूर अभिनेत्री मोनिका सिंह सक्रिय रूप से इस सिनेमा का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं।

 

झारखंड के जनसम्पर्क अधिकारी ऋषित भागीरथी व प्रिया प्रधान ने संवाददाता सम्मेलन में दर्शकों से अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण फ़िल्म को अवश्य देखें।


There is no ads to display, Please add some
Post Disclaimer

स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com

चांडिल: चांडिल बांध के नौका विहार स्थल पर विस्थापित मुक्ति वाहिनी (विमुवा) की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता श्यामल मार्डी ने की। बैठक में सुवर्णरेखा परियोजना द्वारा विस्थापितों के पुनर्वास अधिकारों की अनदेखी करने और पर्यटन का जिम्मा गैर-विस्थापित एजेंसियों को सौंपने का कड़ा विरोध किया गया। विमुवा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ‘स्वदेश दर्शन 2.0’ के नाम पर पर्यटन क्षेत्र को कॉरपोरेट और बाहरी व्यापारियों के हवाले करने की योजना बना रही है। इसके विरोध में 30 अप्रैल को जोयदा शहादत दिवस के अवसर पर पदयात्रा निकाली जाएगी। साथ ही, बिरसा मुंडा शहादत दिवस पर स्वर्णरेखा परियोजना कार्यालय के समक्ष विशाल धरना दिया जाएगा। विस्थापितों की प्रमुख मांगों में कृतज्ञता पैकेज, मॉडल आवासीय विद्यालय, चांडिल पॉलिटेक्निक में 50% आरक्षण और पालना जलाशय योजना को पूरा करना शामिल है। बैठक में नारायण गोप, देवेंद्र महतो और अरविंद अंजुम सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे। YouTube Thumbnail के लिए Bold Text विस्थापितों का हल्ला बोल! (सबसे बड़ा और लाल रंग में) चांडिल बांध: कॉरपोरेट राज का विरोध 30 अप्रैल: बड़ी पदयात्रा की तैयारी हक छीना तो होगा आंदोलन! Social Media Hashtags #ChandilDam #Seraikela #VisthapitMuktiVahini #JharkhandNews #RehabilitationRights #JusticeForDisplaced #ChandilNews #SwarnaRekhaProject #CorporateVsPeople #BirsaMunda #JharkhandPolitics #SaveChandilDam प्रमुख मांगे एवं आगामी कार्यक्रम (Checklist): 30 अप्रैल 2026: जोयदा शहादत दिवस पर पदयात्रा। बिरसा मुंडा शहादत दिवस: चांडिल स्वर्णरेखा कार्यालय पर धरना। प्रमुख मांग: चांडिल पॉलिटेक्निक में विस्थापितों के लिए 50% आरक्षण। विशेष: विस्थापित आंदोलन के 40 वर्ष पूरे होने पर वर्ष 2027 में भव्य आयोजन की रूपरेखा।
आरएसपी कॉलेज की शिफ्टिंग पर छिड़ा ‘सियासी संग्राम’: विधायक चंद्रदेव महतो ने किया कड़ा विरोध।
ब्लड बैंक की बदहाल स्थिति पर उरांव समाज रक्तदान समूह ने जताई चिंता

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

चांडिल: चांडिल बांध के नौका विहार स्थल पर विस्थापित मुक्ति वाहिनी (विमुवा) की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता श्यामल मार्डी ने की। बैठक में सुवर्णरेखा परियोजना द्वारा विस्थापितों के पुनर्वास अधिकारों की अनदेखी करने और पर्यटन का जिम्मा गैर-विस्थापित एजेंसियों को सौंपने का कड़ा विरोध किया गया। विमुवा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ‘स्वदेश दर्शन 2.0’ के नाम पर पर्यटन क्षेत्र को कॉरपोरेट और बाहरी व्यापारियों के हवाले करने की योजना बना रही है। इसके विरोध में 30 अप्रैल को जोयदा शहादत दिवस के अवसर पर पदयात्रा निकाली जाएगी। साथ ही, बिरसा मुंडा शहादत दिवस पर स्वर्णरेखा परियोजना कार्यालय के समक्ष विशाल धरना दिया जाएगा। विस्थापितों की प्रमुख मांगों में कृतज्ञता पैकेज, मॉडल आवासीय विद्यालय, चांडिल पॉलिटेक्निक में 50% आरक्षण और पालना जलाशय योजना को पूरा करना शामिल है। बैठक में नारायण गोप, देवेंद्र महतो और अरविंद अंजुम सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे। YouTube Thumbnail के लिए Bold Text विस्थापितों का हल्ला बोल! (सबसे बड़ा और लाल रंग में) चांडिल बांध: कॉरपोरेट राज का विरोध 30 अप्रैल: बड़ी पदयात्रा की तैयारी हक छीना तो होगा आंदोलन! Social Media Hashtags #ChandilDam #Seraikela #VisthapitMuktiVahini #JharkhandNews #RehabilitationRights #JusticeForDisplaced #ChandilNews #SwarnaRekhaProject #CorporateVsPeople #BirsaMunda #JharkhandPolitics #SaveChandilDam प्रमुख मांगे एवं आगामी कार्यक्रम (Checklist): 30 अप्रैल 2026: जोयदा शहादत दिवस पर पदयात्रा। बिरसा मुंडा शहादत दिवस: चांडिल स्वर्णरेखा कार्यालय पर धरना। प्रमुख मांग: चांडिल पॉलिटेक्निक में विस्थापितों के लिए 50% आरक्षण। विशेष: विस्थापित आंदोलन के 40 वर्ष पूरे होने पर वर्ष 2027 में भव्य आयोजन की रूपरेखा।