

झरिया (धनबाद): कोयलांचल के झरिया क्षेत्र में एक बार फिर भू-धसान और भूमिगत आग का खौफनाक चेहरा सामने आया है। बुधवार की तड़के झरिया के शिमलाबहाल भालगढ़आ पी बी एरिया के चौथाईकुल्हि धर्मनगर इलाके में अचानक जमीन हिलने और मकानों के फटने से अफरा-तफरी मच गई। इस प्राकृतिक आपदानुमा घटना में लगभग आधा दर्जन मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि कई घरों की दीवारें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं।

आधी रात को मची चीख-पुकार
स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह घटना देर रात उस वक्त हुई जब लोग गहरी नींद में सो रहे थे। अचानक जमीन में तेज कंपन महसूस हुआ। जब तक लोग कुछ समझ पाते, उनके घरों की दीवारों से चटकने की आवाजें आने लगीं।
दहशत का माहौल: देखते ही देखते दीवारों में चौड़ी दरारें पड़ गईं और कुछ हिस्सों की छतें व दीवारें गिर गईं।
बाल-बाल बची जान: गनीमत यह रही कि कंपन महसूस होते ही लोग तुरंत अपने घरों से बाहर खुले मैदान की ओर भागे, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई। फिलहाल किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।
अग्निप्रभावित क्षेत्र की भयावह स्थिति
बता दें कि यह पूरा इलाका बीसीसीएल (BCCL) द्वारा पहले ही अग्निप्रभावित और असुरक्षित घोषित किया जा चुका है। जमीन के नीचे धधक रही आग के कारण यहाँ की मिट्टी खोखली हो चुकी है, जो समय-समय पर इस तरह की घटनाओं का कारण बनती है।
> “हम सो रहे थे तभी अचानक घर हिलने लगा। लगा जैसे भूकंप आ गया हो। बाहर निकल कर देखा तो पड़ोसियों के घरों में भी दरारें पड़ रही थीं। हम अब अपने ही घरों में जाने से डर रहे हैं।” पीड़ित स्थानीय निवासी
बताया जाता है कि राजू खान,गायत्री देवी,महेंद्र गोप,प्रदीप गोप,कैलाश गोप,सलीम सिद्दीकी,सुनील राय के घर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं।
प्रशासन और बीसीसीएल की बेरुखी से आक्रोश
घटना के कई घंटे बीत जाने के बावजूद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि:
अब तक बीसीसीएल का कोई भी अधिकारी मौके पर स्थिति का जायजा लेने नहीं पहुंचा है।
किसी भी स्थानीय जनप्रतिनिधि ने पीड़ितों की सुध नहीं ली है।
लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं, लेकिन उनके पुनर्वास या सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
खतरे की घंटी
धर्मनगर की यह घटना एक बड़ी चेतावनी है। यदि प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन ने जल्द ही प्रभावित परिवारों के सुरक्षित विस्थापन की व्यवस्था नहीं की, तो आने वाले समय में यहाँ किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। वर्तमान में पूरे क्षेत्र में खौफ का माहौल व्याप्त है और लोग दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं।
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