
झारखंड विधानसभा में विधायक प्रदीप प्रसाद द्वारा जल संसाधन विभाग तथा कृषि–पशुपालन विभाग से संबंधित पूछे गए अल्पसूचित प्रश्नों पर सरकार ने अपने उत्तर प्रस्तुत किए। इन उत्तरों से यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि हजारीबाग सहित राज्य के कई जिलों में निर्धारित सिंचाई क्षमता के लक्ष्य को अब तक प्राप्त नहीं किया जा सका है। विधायक प्रसाद ने इसे राज्य के कृषि ढाँचे की चिंताजनक स्थिति बताते हुए कहा कि सरकार की योजनाएँ कागज पर तो सक्रिय हैं, किंतु जमीनी स्तर पर उनकी प्रगति अत्यंत धीमी है।

सरकार ने स्वीकार किया कि कटकमदाग प्रखंड में स्थित गोदा डैम सहित कई पुराने बांध वर्षों से अनुपयोगी पड़े हैं। इनकी जल संचयन क्षमता में भारी कमी आई है, जिससे सिंचाई व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। कई डैमों का निर्माण, मरम्मत और सफाई कार्य अधूरा है तथा क्षमता-वृद्धि के लिए कोई ठोस निर्णय अब तक नहीं लिया गया है। विधायक प्रसाद ने कहा कि यह स्थिति किसानों के हितों के विपरीत है और राज्य में सिंचाई सुविधाओं के विकास पर गंभीर सवाल खड़ा करती है।

कृषि एवं पशुपालन विभाग द्वारा दिए गए उत्तर में यह भी स्वीकार किया गया कि मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन योजना संचालित होने के बावजूद हजारीबाग समेत कई जिलों में बिचौलियों और अव्यवस्थित प्रक्रियाओं के कारण लाभार्थियों तक योजना का लाभ पूर्ण रूप से नहीं पहुँच पा रहा है। विभाग ने स्पष्ट किया कि पशु क्रय की प्रक्रिया अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से संचालित होती है तथा जिलों में स्वतंत्र खरीद स्थानीय प्रशासन के अधीन है। वहीं वर्तमान बेडक सिस्टम को हटाने पर सरकार विचार नहीं कर रही है, जिससे कई व्यवहारिक चुनौतियाँ बनी हुई हैं।
विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि सरकार के इन उत्तरों से साफ है कि जल संसाधन, सिंचाई, कृषि और पशुपालन जैसे किसानों के जीवन से जुड़े मुख्य क्षेत्रों में राज्य अभी भी अपने लक्ष्यों से पीछे है। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह सिंचाई क्षमता-वृद्धि, डैमों की मरम्मत, जल संचयन सुधार और पशुधन योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन पर तत्काल ठोस कदम उठाए, ताकि हजारीबाग सहित पूरे राज्य के किसानों और पशुपालकों को वास्तविक लाभ मिल सके।
विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि वे इन मुद्दों पर सदन और सड़क—दोनों स्तरों पर सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए निरंतर आवाज उठाते रहेंगे। किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े किसी भी विषय को अनदेखा नहीं होने दिया जाएगा।
There is no ads to display, Please add some


Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
