
संवाददाता अंतर्कथा केरेडारी बालमुकुंद दास

केरेडारी। चंद्रगुप्त कोल परियोजना क्षेत्र से प्रभावित रैयत विस्थापित मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने 23 मार्च दिन सोमवार को परियोजना प्रबंधन को लिखित रूप में मांग पत्र सौंपा। जिसमें रैयत विस्थापित मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने स्थानीय विस्थापितों के हक अधिकार रोजगार, पुनर्वास, विस्थापन, एक मुश्त मुआवजा का भुगतान पेयजल बिजली एवं विस्थापितों के लिए कर्मचारी के भांती निशुल्क चिकित्सा व शिक्षा यादि जैसे अनेकों मूलभूत सुविधाओं को लेकर पत्र के माध्यम से अपने मांगों रखा । कार्यकर्ताओं ने पत्र के माध्यम से प्रबंधन का ध्यान आकृष्ट कर साफ़ शब्दों लीखा हैं।

परियोजना के आउटसोर्सिग एवं ट्रांसपोर्टिंग कंपनी में स्थानीय निति के तहत 75% विस्थापित युवाओं को रोजगार दिया जाएं। जिससे अभिशापित बेरोजगारी और गरीबी जैसे शब्दों से युवाओं को छुटकारा मिल सके और उन्हें रोजगार का अवसर प्राप्त हो सके।
परियोजना क्षेत्र से विस्थापितोंकी प्रभावित भू रैयतों की गैर मजुरूआ जमीन का दखल कब्जा के आधार पर कैंप लगाकर भौतिक सत्यापन करके भू रैयतों को नौकरी और मुआवजा तत्वरित गति से दिया जाए। क्योंकी वर्तमान समय में गैर मजुरूआ जमीन को लेकर परियोजना क्षेत्र में बार बार मुदा बनाया जा रहा है। और कंपनी राज्य सरकार और राज्य सरकार के भू-अर्जन पदाधिकारी का हस्तक्षेप बता कर इसे टाल दे रही है।
केन्द्रीय कानून भूमी अधिग्रहण अधिनियम आर०एफ०सीटी०एल०ऐ०आर०आर एक्ट (RFCTLARR Act ) 2013 के तीनों अनुसूचियों का पुर्ण रूपेण पालन हो और वर्तमान बजार मूल्य पर मुआवजा का भुगतान होने चाहिए। आखिरकार कंपनी केवल अपने ही वैकल्पिक निति पुनर्वास और पुनर्स्थापन निति 2012 जिसे आसान फोर्म में आर एंड आर निति 2012 कहते है, को ही भू रैयतों के लिए प्रथमिकता से देना क्यों चाहती है। और केंद्रीय कानून क्यों नहीं।
परियोजना से हुऐ विस्थापितों को वैकल्पिक रोजगार के तहत कोयला उत्पादन के 50% कोयला रोड सेल इ आवसन के माध्यम से रोजगार दिया जाएं।
सीसीएल कार्यरत कंपनीयों द्वारा प्रथमिकता के आधार पर स्थानीय विस्थापित प्रभावित भू रैयतों का JCB, मशीन लोडर, पोकलेन आदि को माइनिंग क्षेत्र में लगाने का प्रथमिकता दि जानी चाहिए।
सीसीएल अपना ट्रांसपोर्टिंग सडक बना कर कोयला धुलाई करें ताकि पब्लिक सड़क में आम लोगो को सड़क दुघर्टना जैसे समस्याओं से राहत मिल सके।
पुनर्वास नीति 2013 लागू किया जाए एवं जिला खनिज निधिफंड व सी०एस०आर योजना विस्थापितों के हित में खर्च किया जाए एवं विस्थापितों को कर्मचारीयों के भाती निःशुल्क चिकित्सा व शिक्षा कि व्यवस्था कि जाए। साथ ही पुनर्वास समिति का गठन किया जाए ।
प्रबंधन को उपरोक्त बिन्दूओं पर ध्यान आकृष्ट करते हुए रैयत विस्थापित मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कहा महोदय हमारी मांगे पर शीघ्र अतिशीघ्र पहल कि जानी चाहिए ताकि परियोजना क्षेत्र में विकास कि लहर गुंज उठे रैयतों की चिंता खुशहाली में बदल जाए और क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रहे। यदि ऐसा नहीं हुआ तो हम सब बाध्य होकर प्रभावित रैयतों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करेंगे।
इस मौके पर उपस्थित मुख्य अतिथि के रूप में रैयत विस्थापित मोर्चा के केंद्रीय सचिव श्री गुरुदयाल साव, परियोजना अध्यक्ष शंकर प्रसाद, सचिव संजय मुंडा, कोषाध्यक्ष मनोज साव , संगठन सचिव उपेंद्र दास, कार्यालय प्रभारी अनिल कुमार, पत्रकार संतोष कुमार, एवं सुबोध दास, अंकित ठाकुर, लालजित गंझु एवं उपस्थित कार्यकारी सदस्य उपस्थित थे
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