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केरेडारी में विस्थापितों के आंदोलन पर बरपा हंगामा: धारा 144 लागू, रातों-रात उखाड़ा गया पंडाल; झंडे जलाने का आरोप

Byadmin

Jan 2, 2026

 

केरेडारी (हजारीबाग): केरेडारी चट्टी बरियातू में विस्थापितों के मुआवजे की मांग को लेकर धरना दे रहे पूर्व कृषि मंत्री टाइगर योगेंद्र साव और पूर्व विधायक निर्मला देवी के आंदोलन को कुचलने की कोशिश का मामला सामने आया है। आरोप है कि एनटीपीसी ऋतिक कोल माइनिंग कंपनी के दबाव में प्रशासन द्वारा क्षेत्र में धारा 144 लगा दी गई और रात के अंधेरे में प्रदर्शन स्थल पर तोड़फोड़ की गई।

कंपनी के इशारे पर दमन का आरोप

आंदोलनकारियों का आरोप है कि कंपनी के इशारे पर कुछ तत्वों ने रात में धरना स्थल पर लगे पंडाल को कबाड़ कर फेंक दिया। इतना ही नहीं, वहां लगे झंडों को भी फाड़कर और जलाकर फेंक दिया गया। इस घटना के बाद विस्थापितों और स्थानीय जनता में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

झुकने को तैयार नहीं ‘टाइगर’: धरना जारी

पंडाल हटाए जाने और प्रशासनिक पाबंदियों के बावजूद योगेंद्र साव और निर्मला देवी डिगे नहीं हैं। वे अभी भी मौके पर मौजूद हैं और विस्थापितों के साथ डटे हुए हैं। योगेंद्र साव ने कहा कि विस्थापितों की जमीन का उचित मुआवजा दिलाना ही उनका मुख्य लक्ष्य है।

मुआवजे को 25 लाख से 1 करोड़ करने का लक्ष्य

इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य मुआवजे की राशि में भारी वृद्धि करवाना है। गौरतलब है कि पहले भी आंदोलन के दबाव में जमीन का मुआवजा 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये प्रति एकड़ किया गया था। अब योगेंद्र साव ने इसे 25 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये प्रति एकड़ करने की मांग रखी है। उन्होंने बड़कागांव, केरेडारी और टंडवा क्षेत्र के सभी विस्थापितों से इस लड़ाई में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है।


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