
(रामकिंकर पाण्डेय)
पटना: केंद्र सरकार ने पटना से पूर्णिया तक बनने वाले एक्सप्रेसवे को राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे का दर्जा दे दिया है। यह फैसला बिहार के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है, क्योंकि यह राज्य का पहला राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे होगा। इस परियोजना का उद्देश्य राज्य की राजधानी पटना को पूर्वी बिहार के प्रमुख शहर पूर्णिया से जोड़ना है, जिससे यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

लगभग 215 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे बिहार की कनेक्टिविटी को एक नई दिशा देगा। इस परियोजना के पूरा होने से पटना और पूर्णिया के बीच की दूरी कुछ ही घंटों में तय की जा सकेगी, जो वर्तमान में घंटों का समय लेती है। यह न केवल यात्रियों के लिए सुविधा प्रदान करेगा, बल्कि कृषि उत्पादों और अन्य वस्तुओं के परिवहन को भी सुगम बनाएगा, जिससे क्षेत्र के किसानों और व्यापारियों को सीधा लाभ होगा।

यह एक्सप्रेसवे पटना, वैशाली, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी, और पूर्णिया जैसे कई महत्वपूर्ण जिलों से होकर गुजरेगा, जिससे इन क्षेत्रों का आर्थिक विकास सुनिश्चित होगा। इस परियोजना में छह लेन की सड़क, उन्नत सुरक्षा सुविधाएं और आधुनिक टोल प्लाजा जैसी विशेषताएँ शामिल होंगी। एक्सप्रेसवे के निर्माण से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की उम्मीद है।
केंद्र सरकार का यह कदम बिहार में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस एक्सप्रेसवे के बनने से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि यह बिहार को पूर्वी भारत के विकास गलियारे से भी जोड़ेगा। यह परियोजना ‘आत्मनिर्भर बिहार’ के सपने को साकार करने में एक महत्वपूर्ण कदम है और राज्य को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाएगी।
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