

चिरकुंडा/कालूबथान (संवाददाता: नरेश विश्वकर्मा): निरसा अनुमंडल क्षेत्र के कालूबथान और मैथन ओपी क्षेत्र में अवैध कोयले का कारोबार खुलेआम संचालित हो रहा है, जिससे स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि कालूबथान और मैथन पुलिस सब कुछ जानते हुए भी मूकदर्शक बनी हुई है।

तस्करों की खुली चुनौती

रिपोर्ट के अनुसार, कालूबथान ओपी क्षेत्र में गुड्डु उर्फ सलीम बाबा (लतीफ भाई पुल के समीप) और मैथन ओपी क्षेत्र में मिथलेश बाबा अवैध कोयले के कारोबार को अंजाम दे रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि धंधे के एवज में कोल तस्करों द्वारा चढ़ाए जाने वाले “चढ़ावे” ने पुलिस को कार्रवाई करने से रोक रखा है।
शाम होते ही कालूबथान और मैथन ओपी क्षेत्र में ट्रैक्टर व अन्य वाहनों से अवैध उत्खनन और चोरी के कोयले की ढुलाई शुरू हो जाती है, जो रातभर चलती रहती है।
कोल तस्करों का दावा: स्थानीय चौक-चौराहों पर कोल तस्कर खुलेआम यह कहते नजर आ रहे हैं कि “हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। धंधे के एवज में हमलोग नीचे से उपर तक पैसा पहुंचाते हैं। रोकने जो भी आएगा, वो जान से जाएगा।”
भाजपा नेता की शिकायतें बेअसर
भाजपा के पंचेत मंडल अध्यक्ष सिमंतो मंडल ने अवैध कोयला कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए निरसा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को शिकायत की थी, लेकिन दो महीने बाद भी कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया।
पुनः शिकायत: थक-हारकर भाजपा नेता ने 31 अक्टूबर को फिर से निरसा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बीसीसीएल महाप्रबंधक और पंचेत ओपी प्रभारी को कार्रवाई के संबंध में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसकी प्रतिलिपि उपायुक्त, धनबाद को भी भेजी गई है।
कालूबथान ओपी क्षेत्र में गुड्डु उर्फ सलीम बाबा ने लतीफ भाई के पुल से मुगमा मोड़ तक धंधे के संचालन और देखरेख के लिए दर्जनों गुर्गों को बहाल कर रखा है, जो कोयला लोड करने, चोरी के कोयले को खपाने और बंगाल पास कराने तक का कार्यभार संभालते हैं। इस निर्बाध कारोबार ने आम लोगों के बीच यह यक्ष प्रश्न खड़ा कर दिया है कि निरसा अनुमंडल क्षेत्र में अवैध कोयले का कारोबार कैसे रुकेगा?
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