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ऐश पौंड से छाई उठाव को लेकर बैकफुट पर डीवीसी प्रबंधन और छाई का उठाव करनेवाली कंपनी 

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Nov 6, 2025

 

बोकारो थर्मल

बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी के ऐश पौंड से छाई का उठाव को लेकर डीवीसी प्रबंधन एवं छाई का उठाव करने वाली दोनों कंपनी फिलहाल बैकफुट पर नजर आ रही है।

डीवीसी के चंद्रपुरा स्थित निदेशक भवन में बेरमो एसडीएम मुकेश मछुआ की अध्यक्षता में 1 नवंबर को संपन्न त्रि-पक्षीय सकारात्मक वार्ता के बाद पिछले साढ़े तीन माह से बंद छाई ट्रांसपोर्टिंग का आंदोलन समाप्त कर दिया गया था।

आंदोलन समाप्ति के पांच दिन बाद भी प्रबंधन एवं छाई का उठाव करने वाली दोनों कंपनी छाई उठाव को लेकर गंभीर नहीं दिख रही है। पांच दिनों बाद भी दोनों कंपनियों की मशीनरी और वाहनों का कहीं अता-पता तक नहीं है।

आंदोलन के दरम्यान लगातार भरे हुए ऐश पौंड को लेकर पावर प्लांट बंद करने का रोना रोने वाली डीवीसी प्रबंधन की गंभीरता भी छाई उठाव को लेकर कितनी है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रबंधन निविदा के बाद अभी तक कार्य करने वाली कंपनी के साथ एग्रीमेंट तक नहीं कर पाई है।

दूसरी ओर कार्य करने वाली कंपनियों ने अभी तक बैंक गारंटी की राशि तक जमा नहीं की है। दोनों ऐश पौंड में किसी तरह छाई की दीवारों को आठ से लेकर दस फीट तक ऊंची छाई की दीवार खड़ी कर उसके बीच के एरिया में छाई को गिराने का कार्य पौंड में किया जा रहा है। इस कार्य के लिए एक संवेदक की टाटा हिताची जेसीबी मशीन प्रत्येक दिन पौंड में जगह बनाने के कार्य में लगी हुई है।

गुरुवार को भी डीवीसी के वरीय प्रबंधक संजीव सोरेन, प्रबंधक अमित कुमार, बादल मंडल ऐश पौंड में जेसीबी मशीन से जगह बनाने का कार्य में काफी तत्परता एवं गंभीरता से लगे हुए थे। पौंड में जिस तरीके से छाई की दीवार खड़ी कर छाई का जमाव किया जा रहा है,वह पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के प्रावधानों का खुला उल्लंघन है। वरीय प्रबंधक ने कहा कि ऐश पौंड की जो स्थिति है उसमें जगह बनाकर किसी तरह से दो दिन और छाई का गिराव किया जा सकता है।

छाई का उठाव नहीं होने की स्थिति में स्थिति विकट हो सकती है। जबकि एचओपी सुशील कुमार अरजरिया ने पूछे जाने पर कहा कि कार्य करने वाली कंपनी तीन दिनों के अंदर पौंड से छाई उठाव का कार्य आरंभ कर देगी। कंपनी द्वारा बैंक गारंटी जमा नहीं करने और अभी तक एग्रीमेंट नहीं होने के मसले पर उनका कहना था कि एक दो दिनों में सब कार्य पूरा कर लिया जाएगा।


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