
एकता विकास मंच की बैठक केंद्रीय अध्यक्ष ए के मिश्रा के आवास पर गम्हरिया में हुईl बैठक में सभी प्रकोष्ठ के महिला पुरुष पदाधिकारी कार्यकर्ता सदस्य उपस्थित हुए l झारखंड में बदलते हालात पर चर्चा की गई और सभी ने बारी-बारी से अपने सुझाव सलाह दिए। झारखंड में जिस तरह से बाहरी भीतरी स्थानीयता नियोजन भाषा को लेकर विभेद पैदा किया जा रहा है। सौहार्दपूर्ण वातावरण में रह रहे लोगों के बीच एक खाई उत्पन्न की जा रही है ।उसकी घोर निंदा करते हुए एकता विकास मंच ने यह निर्णय लिया कि अपने हक हिसा अधिकार के लिए शीघ्र ही मंच सड़कों पर उतरेगा। एकता विकास मंच के केंद्रीय अध्यक्ष ए के मिश्र ने अपने संबोधन में कहा जिन व्यक्तियों के बदौलत झारखंड अलग हुआ उनका राजनीतिक स्वार्थ के लिए विरोध करना सरासर गलत है। जिन व्यक्तियों की जनसंख्या दिखाकर झारखंड अलग हुआ उन्हें 15 नवंबर 2000 से स्थानीयता
,नियोजन और भाषा का अधिकार दिया जाए। इसके लिए एकता विकास मंच का राजनीतिक पार्टियों के प्रबुद्ध एवं जनप्रिय नेताओ से अपील किया है कि अपने-अपने पार्टी आलाकमान पर 15 नवंबर 2000 से स्थानीयता नियोजन भाषा के लिए दबाव बनाएं और आवश्यकता पड़े तो पद और पार्टी से इस्तीफा देकर राज धर्म निभाएं । एकता विकास मंच सभी बस्तियों गली, मोहल्ले, मे जागरूकता अभियान चलाते हुए शीघ्र ही सड़कों पर उतरेगा।
बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय अध्यक्ष ए के मिश्रा द्वारा किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन जिला अध्यक्ष कमल सिंह द्वारा किया गया। बैठक में मुख्य रूप से टी एन मिश्रा कृष्णा साव मुन्ना प्रसाद धनपत पंडित सुनील तिवारी विनोद तिवारी राकेश कुमार वर्मा राकेश कुमार चिरंजीवी झा राजा लोधी मधु प्रसाद मीरा देव अंजुला देवी रोमी देवी रंजू देवी परम शीला देवी रीता देवी आदि उपस्थित रहे

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