
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन में एक तीखा और सोचने पर मजबूर करने वाला बयान दिया। उन्होंने कहा कि देश में सबसे अधिक सरस्वती पूजा, लक्ष्मी पूजा और विश्वकर्मा पूजा हम ही करते हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रतिभाशाली लोग विदेशों में नजर आते हैं और समृद्धि भी वहीं दिखाई देती है। आखिर ऐसा क्यों है? उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि कहीं न कहीं व्यवस्था में जरूर कोई कमी है।

सीएम सोरेन ने आगे कहा कि समाज में लोगों को पूजा-पाठ के लिए तो खूब प्रेरित किया जाता है, लेकिन शिक्षा और ज्ञान की बात उतनी प्राथमिकता से नहीं होती। यही कारण है कि युवा बेहतर अवसरों की तलाश में विदेशों की ओर रुख कर रहे हैं। उन्होंने ‘विश्वगुरु’ बनने के दावों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब तक शिक्षा, रिसर्च और रोजगार के क्षेत्र में मजबूत सुधार नहीं होंगे, तब तक ऐसे सपने अधूरे ही रहेंगे।

उनका यह बयान अब सियासी बहस का केंद्र बन गया है और सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।
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