• Tue. Mar 10th, 2026

साहित्य और संस्कृति का संगम: सरायकेला में ‘काव्य-गोष्ठी’ के साथ मना अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस

admin's avatar

Byadmin

Mar 8, 2026

 

सरायकेला। स्थानीय राजकीय छऊ कला केन्द्र भवन, सरायकेला में रविवार को एक भव्य साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ‘साहित्य स्नेह’ एवं ‘अंगना’ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में मां सरस्वती की माल्यार्पण तथा दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया गया। यह विशेष आयोजन अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस और आगामी होली-मिलन के उपलक्ष्य में एक ‘काव्य-गोष्ठी’ के रूप में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम के संचालक नवीन अग्रवाल रहे। इस अवसर पर जमशेदपुर से आईं नीलम फेरीवाला, पूनम शर्मा, सरायकेला से अनामिका मिश्रा, मौसमी शुक्ला, संध्या जी, पूनम जी, अनिल मिश्रा सहित कई कवियों और साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं से उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कवियों ने अपनी वाणी के माध्यम से महिला सशक्तिकरण के विभिन्न पहलुओं और होली के उल्लास को शब्दों में पिरोया।

 

गोष्ठी के दौरान साहित्यकारों ने समाज में महिलाओं के योगदान पर गंभीर चर्चा की:

नीलम जी ने नारी की महिमा का गुणगान करते हुए कहा कि नारी में नारायण की शक्ति होती है और संपूर्ण ब्रह्मांड में उसका सम्मान होता है।

अनामिका मिश्रा जी ने अपनी पंक्तियों के माध्यम से संदेश दिया कि नारी शक्तिदायिनी है और वह किसी भी रूप में कमजोर नहीं है।

प्रमुख उपस्थिति एवं समापन

इस गोष्ठी में क्षेत्र के कई गणमान्य साहित्यकार और बुद्धिजीवी शामिल हुए । वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे आयोजनों से न केवल कला और संस्कृति को बढ़ावा मिलता है, बल्कि सामाजिक समरसता भी मजबूत होती है।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने एक-दूसरे को होली तथा महिला दिवस की शुभकामनाएँ दीं।


There is no ads to display, Please add some
Post Disclaimer

स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *