
छोटा सिजुलता स्थित डॉ. ए. एन. मंडल (खपराघर) परिसर में रविवार, 01 मार्च 2026 को बहुप्रतीक्षित बहुभाषी साहित्यिक पत्रिका “प्रभाती” के संदर्भ में एक गरिमामय साहित्यिक गोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। यह गोष्ठी जनवादी लेखक संघ के सहयोग से आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य विविध भाषाओं, रचनात्मक अभिव्यक्तियों और जनपक्षधर साहित्यिक चिंतन को एक साझा मंच प्रदान करना था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता बहुभाषी साहित्यिक पत्रिका “प्रभाती” के प्रभारी संपादक सह राढ़ी साहित्य अकादमी के संरक्षक रबि कांत भकत ने की। मुख्य अतिथि के रूप में जनवादी लेखक संघ, राँची के सचिव अमल कुमार पांडेय उपस्थित रहे। अपने संबोधन में वक्ताओं ने बहुभाषी साहित्य की आवश्यकता, क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण तथा विशेष रूप से राढ़ी भाषा को सरकारी मान्यता दिलाने के प्रयासों पर जोर दिया।

गोष्ठी में साहित्यकारों ने “प्रभाती” पत्रिका को एक सशक्त साहित्यिक आंदोलन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए इसे जनभावनाओं की अभिव्यक्ति का माध्यम बताया। कार्यक्रम के उपरांत रबि कांत भकत द्वारा रचित अंग्रेज़ी काव्य ग्रंथ “Civilization: A Satire in Silence” मुख्य अतिथि अमल कुमार पांडेय को सम्मानस्वरूप भेंट किया गया। साथ ही एम. जेड. खान एवं अशोक शुभदर्शी को बहुभाषी साहित्यिक पत्रिका “प्रभाती” की प्रति प्रदान की गई।
कार्यक्रम में माणिक लाल महतो, शंकर गोप, गौतम कुमार मंडल, अरूपानंद मंडल, अबनी महाकुड़, एम. जेड. खान, अशोक शुभदर्शी सहित अन्य साहित्यप्रेमियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
गोष्ठी का समापन साहित्य, भाषा और सांस्कृतिक चेतना को सशक्त करने के संकल्प के साथ हुआ। आयोजन ने यह संदेश दिया कि क्षेत्रीय एवं बहुभाषी साहित्य समाज को वैचारिक रूप से समृद्ध करने की महत्वपूर्ण क्षमता रखता है।
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