
सरायकेला, 18 मार्च 2026: खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के तहत धान खरीद की सुस्त रफ्तार और लंबित भुगतानों को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। बुधवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि किसानों का हित सर्वोपरि है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अब तक की प्रगति: 1762 किसानों से खरीद

बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया कि जिले में अब तक 1762 किसानों से कुल 1,02,171 क्विंटल धान की अधिप्राप्ति की जा चुकी है। इसमें से 1473 किसानों का भुगतान सफल रहा है, जबकि शेष किसानों की राशि प्रक्रियाधीन है। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि भुगतान की पेंडेंसी को प्राथमिकता के आधार पर खत्म किया जाए।
काम में लापरवाही पर ‘वेतन कटौती’ का आदेश
समीक्षा के दौरान जिन लैम्प्स (LAMPS) की प्रगति धीमी पाई गई और जो प्रभारी बैठक से अनुपस्थित रहे, उपायुक्त ने उनके विरुद्ध वेतन कटौती की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य प्राप्ति में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
DC के कड़े निर्देश: समन्वय और भंडारण पर जोर
समयबद्ध भुगतान: धान विक्रय के तुरंत बाद किसानों के बैंक खातों में राशि का हस्तांतरण सुनिश्चित हो।
भंडारण क्षमता: गोदामों से धान का उठाव तेज करें। यदि क्षमता कम है, तो स्थानीय सरकारी भवनों को चिन्हित कर विकल्प तैयार रखें।
इनेक्टिव किसान: जो किसान अभी सक्रिय नहीं हैं, उनसे संपर्क कर उन्हें अधिप्राप्ति प्रक्रिया से जोड़ा जाए।
तालमेल: एजीएम, मिलर और लैम्प्स प्रभारी आपसी समन्वय से काम करें ताकि एडवांस CMR (Custom Milled Rice) जनरेशन में तेजी आए।
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