

सरायकेला – सरायकेला की गौरवशाली संस्कृति और कला के प्रतीक ‘विश्व प्रसिद्ध छऊ महोत्सव 2026 सह राजकीय चैत्र पर्व’ का विधिवत आगाज़ गुरुवार को आध्यात्मिक वातावरण में हुआ। महोत्सव की मुख्य शुरुआत से पूर्व परंपरा के अनुसार कुदरसाई स्थित माँ झुमकेश्वरी के दरबार में विशेष पूजा-अर्चना की गई।

इस वर्ष पूजा में मुख्य यजमान के रूप में प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) यास्मिता सिंह उपस्थित रहीं। उन्होंने देवरी माता सुधा देवी के सानिध्य में पूर्ण विधि-विधान और मंत्रोच्चार के बीच क्षेत्र की सुख-समृद्धि और महोत्सव के सफल आयोजन की कामना की।
सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार मान्यता है कि छऊ नृत्य की शुरुआत से पहले ‘शक्ति’ के रूप में माँ झुमकेश्वरी की आराधना अनिवार्य है। चैत्र पर्व के दौरान इस विधान का पालन अत्यंत निष्ठा से किया जाता है। इस पूजा के पश्चात ही छऊ कलाकार अपने नृत्य का अभ्यास और प्रदर्शन प्रारंभ करते हैं। कलाकारों का मानना है कि माँ के आशीर्वाद से ही उनके प्रदर्शन में आंतरिक शक्ति , सुरक्षा और दिव्यता आती है।
माँ झुमकेश्वरी के मंदिर परिसर में सुबह से ही उत्सव का माहौल रहा। इस अवसर पर मुख्य रूप से भोला मोहंती,सुदीप कवि,नीरज पटनायक,मनोरंजन साहू ,जीवन मोदक
सहित भारी संख्या में छऊ नृत्य कलाकार, और स्थानीय श्रद्धालु उपस्थित थे। पूजा के बाद सभी में प्रसाद ग्रहण किया।
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