
लखीसराय जिले के चानन प्रखंड अंतर्गत संग्रामपुर भंडार मटर स्थान के समीप शंकर बिंद द्वारा एक अद्वितीय 24 घंटे के रामधुनी का आयोजन किया गया है, जो उनकी अटूट आस्था और समर्पण का प्रतीक है। यह आयोजन 26 जून की शाम 7 बजे शुरू हुआ और 27 जून की शाम 7 बजे तक चलेगा, जिसमें भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।
इस पवित्र आयोजन की शुरुआत गुरुवार को दोपहर एक बजे हुई, जब 51 कुंवारी कन्याओं ने मटर स्थान से मननपुर भलुई के रास्ते भलुई नदी से पवित्र जल भरा। यह शोभायात्रा एक धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखती है, जो इस रामधुनी को और भी विशेष बनाती है।

शंकर बिंद, जो सहदेव बिंद के पुत्र हैं, ने इस रामधुनी के आयोजन का संकल्प 12 वर्षों के लिए लिया है, और यह उनका सातवां वर्ष है। यह अपने आप में एक मिसाल है कि कैसे एक व्यक्ति अपनी कड़ी मेहनत और लगन से ऐसे बड़े धार्मिक आयोजन को सफल बना रहा है। सबसे प्रेरणादायक बात यह है कि शंकर बिंद इस आयोजन के लिए किसी से कोई चंदा नहीं लेते हैं। वे राजमिस्त्री और मजदूरी का काम करके अपनी आजीविका चलाते हैं और इसी कमाई से हर महीने कुछ राशि बचाकर इस रामधुनी के लिए जमा करते हैं। यह उनकी निस्वार्थ सेवा और भगवान राम के प्रति उनकी गहरी श्रद्धा को दर्शाता है।

शंकर बिंद का यह प्रयास समाज में एक सकारात्मक संदेश देता है कि भक्ति और सेवा के लिए धन की नहीं, बल्कि सच्ची निष्ठा और समर्पण की आवश्यकता होती है। उनका यह वार्षिक आयोजन न केवल स्थानीय समुदाय के लिए आध्यात्मिक प्रेरणा का स्रोत बन गया है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कैसे एक साधारण व्यक्ति अपनी प्रतिबद्धता से असाधारण कार्य कर सकता है। संग्रामपुर भंडार मटर स्थान पर आयोजित यह रामधुनी आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक सद्भाव और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
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