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बीसीसीएल आउटसोर्सिंग कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग: रमेश रवानी

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Jun 22, 2025

 

 

केंदुआ(धनबाद)इंटक असंगठित धनबाद प्रखंड अध्यक्ष रमेश रवानी ने कहा कि हमारे जन जीवन में मिट्टी का बहुत बड़ा आधार है जबकि बीसीसीएल के आउटसोर्सिंग कंपनी के द्वारा ओपन कास्ट माइंस के कोयला ओबी उत्खनन कार्य से हजारों हजार हेक्टर मिट्टी का दुरुपयोग एवं क्षति पहुंचाया गया है और पहुंचा जा रहा है जबकि हमारे जनजीवन में मिट्टी की उपयोगिता इतनी होती है की मिट्टी हमारे जनजीवन के लिए अत्यधिक उपयोगी है,

मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य देश के किसानों को उनकी भूमि की मिट्टी की गुणवत्ता और पोषक तत्वों की स्थिति के बारे में जानकारी प्रदान करना है। यह योजना किसानों को उनके खेतों की मिट्टी के आधार पर उर्वरक और पोषक तत्वों का सही उपयोग करने के लिए मार्गदर्शन करती है, जिससे फसल उत्पादन और मृदा स्वास्थ्य दोनों में सुधार होता है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के मुख्य बिंदु:मृदा स्वास्थ्य कार्ड का वितरण*: मिट्टी परीक्षण के बाद किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किया जाता है, जिसमें मिट्टी की स्थिति, पोषक तत्वों की कमी, और आवश्यक सुधारात्मक उपायों की जानकारी दी जाती है।मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएं*: जिला और ब्लॉक स्तर पर मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना की गई है, जो मिट्टी के नमूनों का परीक्षण करती हैं और मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी करती हैं।कृषि विस्तार सेवाएं और जागरूकता अभियान*: कृषि अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाता है और किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड के उपयोग और लाभ के बारे में जागरूक किया जाता है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के लाभ:*समय पर जानकारी*: किसानों को समय पर मिट्टी की स्थिति और आवश्यक सुधारात्मक उपायों की जानकारी मिलती है।

-उर्वरकों की लागत में कमी*: सही मात्रा में उर्वरकों के उपयोग से लागत में कमी आती है।

मिट्टी की उर्वरता में सुधार*: सही पोषक तत्वों के उपयोग से मिट्टी की दीर्घकालिक उर्वरता में सुधार होता है। फसल उत्पादन में वृद्धि*: स्वस्थ मिट्टी और सही उर्वरक प्रबंधन से फसल उत्पादन में वृद्धि होती है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना की चुनौतियां:*

मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाओं की कमी*: कुछ क्षेत्रों में पर्याप्त परीक्षण सुविधाओं का अभाव है। जागरूकता का अभाव*: सभी किसानों को योजना की जानकारी और इसके लाभों के बारे में पर्याप्त जागरूकता नहीं है।

तकनीकी संसाधनों की कमी*: डिजिटल प्लेटफार्मों और उपकरणों की कमी है। ¹

इस योजना के तहत अब तक 24.74 करोड़ से अधिक मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा, 8272 मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं और विभिन्न राज्यों को 1706.18 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।और इसके कई महत्वपूर्ण उपयोग हैं: जो इस प्रकार;-

1. *कृषि*: मिट्टी में खनिज और पोषक तत्व होते हैं जो पौधों के विकास के लिए आवश्यक हैं।

2. *निर्माण*: मिट्टी का उपयोग निर्माण सामग्री के रूप में किया जाता है, जैसे कि ईंट, सीमेंट, और सड़क निर्माण में।

3. *पेयजल संचयन*: मिट्टी जल संचयन में मदद करती है, जिससे जल संकट को कम किया जा सकता है।

4. *वायु शुद्धि*: मिट्टी वायु प्रदूषण को कम करने में मदद करती है, जिससे स्वस्थ वायु मिलती है।

5. *जैव विविधता*: मिट्टी में जैव विविधता को बनाए रखने में मदद मिलती है, जिससे पारिस्थितिकी तंत्र संतुलित रहता है।

6. *तापमान नियंत्रण*: मिट्टी तापमान को नियंत्रित करने में मदद करती है, जिससे जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम किया जा सकता है।

7. *स्वास्थ्य*: मिट्टी में मौजूद खनिज और पोषक तत्व स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं।

8. *सौंदर्य और मनोरंजन*: मिट्टी का उपयोग सौंदर्य और मनोरंजन के लिए भी किया जाता है, जैसे कि बागवानी और खेल के मैदानों में।

इन उपयोगों से पता चलता है कि मिट्टी हमारे जन जीवन के लिए कितनी महत्वपूर्ण है।

उसके बावजूद भी बीसीसीसीएल एवं आउटसोर्सिंग के प्रबंधन द्वारा धनबाद जिला में लगभग 100 से ज्यादा ओपन कास्ट माइंस खोलकर कोयला ओबी उत्खनन कार्य किया गया और किया जा रहा है जिसमें हजारों हजार हेक्टर मिट्टी का दुरुपयोग और क्षति पहुंचाया गया लेकिन आज तक जिला प्रशासन द्वारा बीसीसीएल कंपनी एवं आउटसोर्सिंग कंपनी प्रबंधन पर कोई कार्रवाई नहीं किया गया जबकि कोई कंपनी मिट्टी का दुरुपयोग एवं मिट्टी का नुकसान पहुंचा कर कार्य करती है तो उसे निम्नलिखित धाराओं के तहत कार्रवाई किया जाना चाहिए: जो इस प्रकार;-

1. _पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986_ की धारा 15 के तहत जुर्माना और दंड।

2. _भूमि संरक्षण अधिनियम_ के तहत अवैध खनन और मिट्टी के दुरुपयोग के लिए दंड और जुर्माना।

3. _वाटर (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1974_ की धारा 43 के तहत जल प्रदूषण के लिए दंड और जुर्माना।

4. _वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1981_ की धारा 37 के तहत वायु प्रदूषण के लिए दंड और जुर्माना।

5. _भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), 1860_ की धारा 430 के तहत संपत्ति की क्षति के लिए दंड।

6. _राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण अधिनियम, 2010_ के तहत पर्यावरण संबंधी मामलों में मिट्टी के दुरुपयोग के लिए जुर्माना और दंड।

7. _कंपनी अधिनियम, 2013_ की धारा 431 के तहत कंपनी के खिलाफ दंड और जुर्माना।

8. _सार्वजनिक दंड प्रक्रिया संहिता, 1973_ के तहत आपराधिक मामलों में कार्रवाई।

कंपनी द्वारा मिट्टी का दुरुपयोग एवं मिट्टी का नुकसान पहुंचाने के लिए इन धाराओं के तहत जिला प्रशासन द्वारा बीसीसी एल प्रबंधन एवं आउटसोर्सिंग कंपनी के प्रबंधन पर उचित कार्रवाई करने की कृपा करें ओर हमारे जनजीवन एवं राष्ट्रीय संपत्ति को बचाने हेतु जिला प्रशासन उचित कार्रवाई करें।


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