
बोकारो थर्मल

भारत के समुद्री बंदरगाहों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं आधुनिक बनाने की दिशा में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। सीआईएसएफ बल ने निजी सुरक्षा कर्मियों के लिए एक विशेष पायलट प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की है।

जिसे मुंबई स्थित जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी और चेन्नई पोर्ट अथॉरिटी में एक साथ प्रारंभ किया गया है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य निजी सुरक्षा कर्मियों की कार्यकुशलता को बढ़ाना, सुरक्षा प्रोटोकॉल में एकरूपता लाना और अंतरराष्ट्रीय आईएसपीएस कोड के अनुपालन को सुनिश्चित करना है।
इस पहल से देश के बंदरगाहों पर हाइब्रिड सुरक्षा मॉडल को मजबूती मिलेगी। जिसमें सरकारी एवं निजी सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। बीटीपीएस स्थित सीआईएसएफ यूनिट के यूनिट कमांडर अरुण प्रसाद ई ने इस पहल की जानकारी देते हुए कहा कि “सीआइएसएफ बल मुख्यालय द्वारा शुरू की गई यह योजना समुद्री बंदरगाहों की सुरक्षा व्यवस्था में एक मील का पत्थर साबित होगी।
इससे न केवल सुरक्षा मानकों में उल्लेखनीय सुधार होगा। बल्कि निजी सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका भी अधिक पेशेवर, जिम्मेदार और प्रभावी बन सकेगी।”यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बंदरगाहों पर कार्यरत निजी सुरक्षा कर्मियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुरक्षा प्रक्रियाओं से परिचित कराएगा। जिससे वे किसी भी आपात स्थिति में अधिक दक्षता के साथ प्रतिक्रिया दे सकेंगे। सीआईएसएफ की यह पहल न केवल समुद्री सीमाओं की सुरक्षा को नई ऊंचाई देगी, बल्कि निजी सुरक्षा क्षेत्र को भी एक नई पहचान और दिशा प्रदान करेगी।
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