
केंदुआ: केंदुआडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत खैरा बाबूबासा में कल देर शाम को एक वाक्या ऐसा हुआ कि छोटी सी बात को लेकर दो पक्षों में हिंसक घटना का रूप ले लिया। बात पानी भरने से शुरू हुई और देखते ही देखते एक दबंग पक्ष उग्र होकर महिला और उसकी बेटियों पर हाथ में पहने जानेवाले लोहे के कड़े से सर पर प्रहार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।

सूत्र बताते कि खैरा बाबूबासा निवासी गुड़िया देवी अपने घर पर ही थी, उनकी बेटी मेघा कुमारी मोहल्ले में जब नल से पीने का पानी भर रही थी तभी मुस्कान कुमारी, मेघा कुमारी को पानी भरने से मना करने लगी, मेघा के विरोध करने पर बहस शुरू हो गया, देखते ही देखते मुस्कान और उसके घरवाले मेघा को पीटने लगे। मारपीट और हो हल्ला सुन गुड़िया देवी जब घर से बाहर निकली तो देखती है

कुछ लोग उनकी बेटी को बेतहासा पीट रहे हैं, ये सब देख उनसे रहा नही गया और अपनी बेटी को बचाने वहां दौड़ी तभी पीछे से धोनी कुमार और राजकुमार ने हाथ मे पहने लोहे के कड़े से दोनों माँ-बेटी को मारने लगे, जिससे वे दोनों माँ-बेटी लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। पीड़िता गुड़िया देवी ने बताया कि इस पूरे घटना में मुस्कान कुमारी, कुमनी देवी, धोनी कुमार, बोना कुमार, किशोरी तुरी, रंजीत तुरी, मधु कुमारी, ललिता देवी, रेखा देवी, लक्ष्मी देवी, सरस्वती देवी, लक्ष्मी कुमारी, परी कुमारी,
शारदा देवी, सिमा देवी, जालो देवी, समेत अन्य मोहल्ले के लोग शामिल थे। वहीं कुछ लोगों ने आनन फानन में दोनों घायल माँ-बेटी को करकेंद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए जहां घायलों की गंभीर स्थिति देख बेहतर इलाज हेतु एसएसएनएमसीएच. धनबाद रेफर कर दिया गया। वहीं पीड़िता और उनकी बेटी का कहना है कि मेरा छोटा सा गरीब परिवार है, मेरे पति भी बाहर काम करने गए हैं किसी तरह घर का गुजारा होता है,वहीं ये लोग हमेशा दबंगई कर हमारा जीना मुश्किल कर दिया है। यदि हमें उचित न्याय नहीं मिला तो हम अपनी जान दे देंगे, जिसके जिम्मेवार ये लोग ही होंगे।
वहीं सूत्रों का कहना है कि इन दबंगों के आगे पीने के नल पर लोगों को पानी नही मिल पाता है ये आरोपी गन काफी अड़ियल किस्म के लोग हैं और इनका का मनोबल इतना अधिक बढ़ गया है
कि आए दिन बात बात में किसी के साथ भी ये लोग भद्दी भद्दी गली गलौज छींटाकसी लड़ाई झगड़ा मारपीट कर किसी भी प्रकार का घटना को अंजाम दे देते है। और झूठे केस में फंसा देते है। इनकी स्वजातीय संख्यां अधिक और दबंगता के आगे यहां के लोग दबी जुबान से ही बोल पाते है।
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