
औरंगाबाद से अविनाश कुमार की रिपोर्ट

औरंगाबाद। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, औरंगाबाद के तत्वावधान में आज व्यवहार न्यायालय, औरंगाबाद तथा अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय, दाउदनगर में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर न्याय, समन्वय और जनहित की भावना को प्रमुखता दी गई। जिला जज श्री राज कुमार ने कहा कि आज का दिन न्याय पाने का पर्व है और मीडिया सहित सभी सहयोगियों का योगदान सराहनीय है।

उद्घाटन समारोह में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय श्री अरुण कुमार, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश श्री विश्व विभूति गुप्ता, प्रभारी जिला पदाधिकारी श्री अनुग्रह नारायण सिंह, प्रभारी पुलिस अधीक्षक श्रीमती मनीषा बेबी, जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव श्रीमती तान्या पटेल, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री संजय कुमार सिंह, विधि संघ के अध्यक्ष श्री विजय कुमार पाण्डेय सहित अनेक न्यायिक व प्रशासनिक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन अधिवक्ता श्री अभिनंदन कुमार ने किया। सचिव श्रीमती तान्या पटेल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और राष्ट्रीय लोक अदालत की महत्ता पर प्रकाश डाला। मीडिया की भूमिका को सराहते हुए कहा गया कि जनता तक जागरूकता पहुँचाना भी समाज सेवा का कार्य है।
जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री संजय कुमार सिंह ने कहा कि असहमति को सहमति में बदलना ही राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य है। वहीं प्रभारी पुलिस अधीक्षक श्रीमती मनीषा बेबी ने बताया कि नोटिस की तामिली और वादों का निस्तारण सरलता से कराया गया। प्रभारी जिला पदाधिकारी श्री अनुग्रह नारायण सिंह ने कहा कि समन्वय से ही न्याय की प्रक्रिया सुगम बनती है।
जिला जज श्री राज कुमार ने कहा कि पुराने विवादों को दरकिनार कर समाधान की दिशा में आगे बढ़ना आवश्यक है। उन्होंने मीडिया का सहयोग जारी रहने की अपील की। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी श्री लाल बिहारी पासवान ने सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
वादों का निस्तारण:
इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 2132 मामलों का निस्तारण कर लगभग 03 करोड़ 81 लाख 1 हजार 8 सौ 80 रुपये का समझौता कराया गया। इसमें शामिल प्रमुख मामले निम्नलिखित हैं—
मोटर दुर्घटना से संबंधित 5 वाद में 30 लाख रुपये का समझौता।
पारिवारिक मामले 21।
आपराधिक सुलहनीय मामले 324।
अनुमंडल न्यायालय से संबंधित 708।
बैंक ऋण से संबंधित 764 मामले।
टेलीफोन से संबंधित 01 मामला।
परिवहन चालान से संबंधित 309 मामलों का निस्तारण कर 8 लाख 35 हजार रुपये की राशि का समाधान कराया गया।
विशेष रूप से पारिवारिक मामलों में रिकॉर्ड तोड़ निस्तारण किया गया और नागरिकों को राहत प्रदान की गई। साथ ही मतदाता सूची संशोधन शिविर में दर्जनों लोगों के नाम जोड़े गए और सुधार किए गए।
स्वास्थ्य जाँच शिविर:
राष्ट्रीय लोक अदालत के साथ-साथ विधिक सेवा सदन में स्वास्थ्य जाँच शिविर का आयोजन भी किया गया। इसमें डॉ. रितेश कुमार, फार्मासिस्ट सुशिल कुमार तथा एएनएम अर्चना कुमारी, ज्योति कुमारी, शोभा कुमारी, कुसुम कुमारी और पूनम कुमारी द्वारा शुगर, बीपी, हीमोग्लोबिन की जाँच और दवा वितरण किया गया।
सहयोग की भूमिका:
इस आयोजन को सफल बनाने में उप मुख्य विधिक सेवा प्रतिरक्षा प्रणाली के अधिवक्ता श्री अभिनंदन कुमार, सहायक अधिवक्ता रंधीर कुमार, चंदन कुमार मिश्रा, टेक्निकल टीम, और अन्य स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
राष्ट्रीय लोक अदालत ने न केवल न्याय प्रदान किया, बल्कि समाज में सद्भाव, सहयोग और विधिक जागरूकता का संदेश भी दिया।
There is no ads to display, Please add some


Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
