
धनबाद नगर निगम मेयर चुनाव जैसे-जैसे नज़दीक आ रहा है, वैसे-वैसे सियासी सरगर्मी तेज होती जा रही है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी ने अपने ही नेताओं के खिलाफ सख्त कदम उठाकर राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।
पार्टी ने झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह, भाजपा कार्यकर्ता मुकेश पांडे और भृगुनाथ भगत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। तीनों को एक सप्ताह के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया है। पार्टी का आरोप है कि ये नेता पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं, जो संगठनात्मक अनुशासन के खिलाफ है।
दरअसल, भाजपा ने धनबाद नगर निगम मेयर पद के लिए अपने अधिकृत प्रत्याशी संजीव कुमार अग्रवाल को समर्थन दिया है। इसके बावजूद इन नेताओं ने नामांकन वापस लेने से इनकार कर दिया और चुनाव मैदान में बने रहे। इसे पार्टी नेतृत्व ने सीधी बगावत माना है।
संजीव सिंह का मैदान में उतरना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि उनकी पत्नी रागिनी सिंह वर्तमान में झरिया से विधायक हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इससे भाजपा के वोट बैंक में विभाजन की आशंका बढ़ गई है।
इधर, धनबाद के पूर्व मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल भाजपा छोड़कर झारखंड मुक्ति मोर्चा में शामिल होकर चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि कुछ अन्य नेता निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में हैं।
23 फरवरी को होने वाले मतदान से पहले जारी यह नोटिस बेहद अहम माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पार्टी बागी नेताओं के जवाब से संतुष्ट होती है या फिर निलंबन-निष्कासन जैसी कड़ी कार्रवाई करती है। फिलहाल धनबाद की राजनीति पूरी तरह गरमाई हुई है और आने वाले दिन चुनाव की दिशा तय करेंगे।

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