
धनबाद। रेलवे सुरक्षा बल और अपराध खुफिया शाखा की संयुक्त टीम ने सोमवार की रात बड़ी उपलब्धि हासिल की है।ऑपरेशन वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन के तहत धनबाद मंडल में गाड़ी संख्या 13010 (योग नगरी ऋषिकेश–हावड़ा दून एक्सप्रेस) के जनरल कोच से साठ जीवित कछुओं के साथ दो तस्करों को पकड़ा गया। पिछले कुछ दिनों में 78 और 35 कछुओं की बरामदगी के बाद टीम को लगातार सूचना मिल रही थी कि इसी ट्रेन में कछुओं की अवैध तस्करी जारी है। इसी आधार पर आरपीएफ और सीआईबी की संयुक्त टीम ने मुखबिर की मदद से ट्रेन में कड़ी निगरानी शुरू की। सोमवार रात गोमो स्टेशन से ट्रेन खुलने के बाद दो संदिग्ध व्यक्तियों को गार्ड ब्रेक से सटे कोच में दबोचा गया।

गिरफ्तार तस्करों के नाम राम दास उर्फ हेमेंद्र प्रसाद दास (जिला–24 परगना, पश्चिम बंगाल) और हिमांशु वैध (जिला–अम्बेडकर नगर, उत्तर प्रदेश) बताए गए हैं। इनके कब्जे से क्रमशः 29 और 31 जीवित कछुए मिले। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों से कछुए ₹120 प्रति किलो की दर से खरीदकर पश्चिम बंगाल में बेचते हैं और पिछले दो साल से इस धंधे में सक्रिय हैं।

ट्रेन के धनबाद पहुँचते ही आरपीएफ टीम ने कछुओं और दोनों तस्करों को हिरासत में लेकर पोस्ट लाया, जहाँ वन विभाग की टीम पहुंची। वन क्षेत्र पदाधिकारी धनबाद को कछुए सौंप दिए गए और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।अभियान में रेलवे सुरक्षा बल तथा अपराध खुफिया शाखा की संयुक्त टीम शामिल रही।
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