
धनबाद: धनबाद नगर निगम बोर्ड की दूसरी महत्वपूर्ण बैठक महापौर संजीव सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में शहर की दो सबसे बड़ी समस्याओं—जलापूर्ति और सफाई व्यवस्था—को सुदृढ़ करने के लिए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। बैठक में डिप्टी मेयर अरुण चौहान, नगर आयुक्त आशीष गंगवार सहित सभी 55 वार्डों के पार्षद मौजूद रहे।

सफाई व्यवस्था में बड़ा बदलाव

बैठक का सबसे प्रमुख मुद्दा सफाईकर्मियों की कमी रहा। पार्षदों की शिकायत पर मेयर ने घोषणा की कि अब वार्डों के बीच सफाईकर्मियों की असमानता दूर की जाएगी। निर्णय लिया गया कि अब प्रत्येक वार्ड में औसतन 15 सफाईकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। वर्तमान में कहीं 6 तो कहीं 10 कर्मी ही कार्यरत हैं, जिसे अब संतुलित किया जाएगा।
जल संकट से निपटने की तैयारी
आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए बोर्ड ने उन वार्डों को चिन्हित किया है जहाँ पेयजल की गंभीर समस्या रहती है। ऐसे प्रभावित इलाकों में तात्कालिक राहत के तौर पर नए चापानल लगाने का प्रस्ताव पारित किया गया। महापौर ने स्पष्ट किया कि पाइपलाइन योजनाओं के साथ-साथ चापानल एक जरूरी वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में काम करेंगे।
नया प्रशासनिक ढांचा: जोनल अध्यक्ष प्रणाली
कामकाज में तेजी लाने और विकेंद्रीकरण के उद्देश्य से अब हर 5 वार्ड पर एक जोनल अध्यक्ष चुना जाएगा। इनके बैठने के लिए सरकारी भवनों को चिन्हित किया जाएगा। इस नई व्यवस्था से स्थानीय स्तर पर जनता की समस्याओं का समाधान जल्द हो सकेगा और विकास कार्यों की निगरानी मजबूत होगी।
महापौर संजीव सिंह ने कहा कि वार्ड पार्षद जनता और निगम के बीच सेतु हैं, इसलिए उनके हर व्यावहारिक सुझाव को प्राथमिकता दी जाएगी। इस बैठक को धनबाद शहर की बुनियादी सेवाओं को पटरी पर लाने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।
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