
सरायकेला: सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल अनुमंडल में दलमा सेंचुरी की तराई में बसे आदिवासी बहुल गांव माकुलाकोचा में लगातार हो रही बारिश से कई ग्रामीणों के मिट्टी के घर ढह गए हैं। इसके चलते प्रभावित परिवारों ने पास के आंगनबाड़ी केंद्र में शरण ली है।

प्रशासन की अनदेखी से ग्रामीण नाराज

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के कई घर जर्जर स्थिति में हैं और लगातार बारिश से स्थिति और खराब हो गई है। भमर सिंह, बिनोता सिंह और सोतिला सिंह जैसे परिवारों के घर पूरी तरह गिर गए हैं, जिससे वे बेघर हो गए।
सबसे बड़ी बात यह है कि अब तक पंचायत स्तर से लेकर प्रखंड, विधायक और जिला परिषद तक का कोई भी पदाधिकारी पीड़ित परिवारों की सुध लेने नहीं पहुंचा है। ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी है, क्योंकि उनकी मदद के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
इको-सेंसिटिव जोन और सरकारी अनदेखी
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ‘इको-सेंसिटिव जोन’ के नाम पर उन्हें डराती है, लेकिन जब उन्हें मदद की जरूरत होती है तो कोई सामने नहीं आता। उन्होंने कहा कि आज भी वन विभाग की ओर से उन्हें कोई सुविधा नहीं मिलती और उनका जीवन पूरी तरह से कृषि और जंगल पर निर्भर है।
पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से जल्द से जल्द उनकी मदद करने और घरों की मरम्मत या पुनर्निर्माण के लिए कदम उठाने की मांग pकी है।
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