• Fri. Mar 20th, 2026

झारखंड राज्य विस्थापन एवं पुनर्वास आयोग के गठन की स्वीकृति

admin's avatar

Byadmin

Sep 3, 2025

 

 

बड़कागांव ।विधायक रोशन लाल चौधरी ने कहा कि राज्य मंत्री परिषद की बैठक में झारखंड राज्य विस्थापन एवं पुनर्वास आयोग के गठन की स्वीकृति दी गई है। यह निर्णय केवल एक आयोग के गठन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन तमाम आदिवासी, मूलवासी, किसान, मज़दूर, भूमिहीन परिवारों के जीवन संघर्ष की स्वीकृति है, जो वर्षों से विकास के नाम पर उजड़ते आए हैं और जिनकी समस्याएँ लगातार अनसुनी की जाती रही हैं। झारखंड राज्य के लाखों विस्थापित परिवारों के संघर्ष की ऐतिहासिक जीत का प्रतीक है। विधायक श्री चौधरी ने कहा कि हमने पहली बार 18 मार्च 2025 को हजारीबाग जिला के पकरी बरवाडीह, केरेडारी, चट्टी-बरियातू सहित विभिन्न परियोजनाओं से प्रभावित विस्थापितों की समस्याओं को लेकर विधानसभा में ध्यानाकर्षण सूचना दी थी। उस समय उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि जब तक राज्य स्तर पर विस्थापन आयोग का गठन नहीं होगा, तब तक विस्थापितों की पीड़ा का समाधान संभव नहीं है।इसके बाद बजट सत्र के अंतिम दिन 27 मार्च 2025 को उनके गैर-सरकारी संकल्प पर विस्तृत बहस हुई। बहस के क्रम में सरकार ने विधानसभा के पटल पर यह ठोस आश्वासन दिया कि 90 दिनों के भीतर आयोग का गठन किया जाएगा। परंतु दुर्भाग्यवश 150 दिन बीत जाने के बाद भी आयोग अस्तित्व में नहीं आ सका।

इसीलिए मैने एक बार फिर मॉनसून सत्र के पहले ही दिन ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से सरकार का ध्यान आकर्षित कराया और विस्थापित परिवारों की पीड़ा को मजबूती से सदन में उठाया। निरंतर दबाव और विस्थापितों की अपेक्षाओं को देखते हुए अंततः आज राज्य मंत्रिपरिषद ने आयोग गठन की ऐतिहासिक स्वीकृति प्रदान कर दी। उक्त बातें बड़कागांव विधायक का रोशन लाल चौधरी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा।

विस्थापितों के लिए राहत और उम्मीद

साथ ही उन्होंने ने कहा कि यह आयोग केवल एक संस्थागत ढाँचा नहीं होगा, बल्कि यह विस्थापितों की न्याय और सम्मान की गारंटी बनेगा।

आगे उन्होंने कहा विस्थापितों की समस्याएँ केवल ज़मीन छिन जाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह उनके अस्तित्व, संस्कृति, आजीविका और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ी हुई हैं।


There is no ads to display, Please add some
Post Disclaimer

स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *