• Fri. Apr 10th, 2026

झरिया में भू-धसान से मचा हड़कंप: BCCL के कई अधिकारियों पर मामला दर्ज के लिए आवेदन

admin's avatar

Byadmin

Apr 9, 2026
crescent ad

 

धनबाद : कोयलांचल में एक बार फिर जमीन धंसने (भू-धसान) की भयावह घटना ने स्थानीय प्रशासन और बीसीसीएल (BCCL) प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। झरिया के प्रभावित क्षेत्र में कई घर जमींदोज होने की कगार पर हैं, जिसके बाद आक्रोशित लोगों ने प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेता फरीद अहमद के नेतृत्व में देर रात झरिया थाना में बीसीसीएल के अधिकारियों के खिलाफ एक आवेदन दिया हे। आवेदन में प्रबंधन पर लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने का सीधा आरोप लगाया गया है। अपने आवेदन के फरीद अहमद ने बताया कि दिनांक 08/04/2026 को हमारे क्षेत्र में अचानक बीसीसीएल प्रबंधन की घोर लापरवाही के कारण कई मकानों में गंभीर दरारें आ गई, कई मकान कई फीट नीचे धंस गए तथा कई मकानों की छतें हवा में लटकी हुई स्थिति में हैं।

इस घटना से यहां के लोगों के जान-माल पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। पूरे क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल है। यह घटना बीसीसीएल प्रबंधन द्वारा सुरक्षा मानकों की अनदेखी, लापरवाही एवं गैर-जिम्मेदाराना कार्यशैली का परिणाम है। अतः श्रीमान से निवेदन है कि इस मामले में बीसीसीएल प्रबंधन के जिम्मेदार अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध उचित धाराओं के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की कृपा करें। साथ ही, इस घटना की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए तथा हम सभी प्रभावित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

इसके लिए हम सभी पीड़ितजन सदा आपके आभारी रहेंगे।

 

दहशत का माहौल:

 

घटना के बाद से पूरे इलाके में भय का वातावरण है। लोग अपने आशियाने को खोने और जान-माल के खतरे के बीच जीने को मजबूर हैं।

 

“प्रबंधन की घोर लापरवाही” – फरीद अहमद

 

उन्होंने मांग की है कि:

1. जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध उचित धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए।

 

2. पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दी जाए।

 

3. प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए।

 

सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

 

कोयलांचल के झरिया जैसे क्षेत्रों में भू-धसान की समस्या दशकों पुरानी है, लेकिन हालिया घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सुरक्षा मानक केवल कागजों तक सीमित हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि खनन के बाद खाली पड़े स्थानों को सही तरीके से न भरना इस प्रकार की घटनाओं का मुख्य कारण है।

 

अगली कार्रवाई क्या होगी?

 

फिलहाल झरिया थाना पुलिस ने आवेदन स्वीकार कर लिया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या बीसीसीएल के बड़े अधिकारियों पर कानूनी शिकंजा कसेगा या हमेशा की तरह मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।


There is no ads to display, Please add some
Post Disclaimer

स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *