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झरिया की प्यास पर विधानसभा में संग्राम: रागिनी सिंह ने सरकार को घेरा, पूछा— “5 साल बाद भी क्यों अधूरा है ‘हर घर जल’?”

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Mar 16, 2026

रांची/धनबाद: झरिया विधानसभा क्षेत्र में वर्षों से जारी भीषण पेयजल संकट का मुद्दा शनिवार को झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में गूंजा। भाजपा विधायक रागिनी सिंह ने ‘हर घर जल’ योजना की विफलता और विभाग की लापरवाही को लेकर हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दो टूक कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाएं केवल फाइलों में चल रही हैं, जबकि झरिया की जनता एक-एक बूंद पानी के लिए त्रस्त है।

 

समय सीमा खत्म, पर काम अधूरा:

सदन में सवाल उठाते हुए रागिनी सिंह ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत झरिया के हर घर तक स्वच्छ पानी पहुँचाने का लक्ष्य वर्ष 2021 तक निर्धारित था। लेकिन आज 2026 में भी कई मोहल्लों में पाइपलाइन का काम अधूरा पड़ा है। उन्होंने पूछा कि आखिर 5 साल की देरी का जिम्मेदार कौन है? विधायक ने बताया कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में 20 नए मोटर लगाए जाने थे ताकि जलापूर्ति सुचारू हो सके, लेकिन विभाग एनओसी (NOC) मिलने में देरी का बहाना बनाकर हाथ पर हाथ धरे बैठा है।

 

“केवल आश्वासन से नहीं बुझेगी प्यास”:

रागिनी सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि गर्मी का मौसम दस्तक दे रहा है। अगर समय रहते पाइपलाइन और मोटरों का काम पूरा नहीं हुआ, तो झरिया में स्थिति भयावह हो जाएगी। उन्होंने योजना पर हुए खर्च की पारदर्शिता और प्रगति की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।

 

सरकार का जवाब और समीक्षा का वादा:

इस गंभीर मुद्दे पर जवाब देते हुए नगर विकास विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार ने स्वीकार किया कि तकनीकी अड़चनों और एनओसी की प्रक्रिया के कारण देरी हुई है। मंत्री ने सदन को भरोसा दिलाया कि वे जल्द ही स्वयं धनबाद का दौरा करेंगे और अधिकारियों के साथ बैठकर इस परियोजना की समीक्षा करेंगे। उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी बाधाओं को दूर कर कार्य में तेजी लाई जाएगी।

 

विधायक की असंतुष्टि:

हालांकि, मंत्री के जवाब से विधायक रागिनी सिंह संतुष्ट नहीं दिखीं। उन्होंने कहा कि झरिया की जनता वर्षों से केवल ‘समीक्षा’ और ‘आश्वासन’ ही सुन रही है। उन्होंने मांग की कि सरकार केवल तारीखें न दे, बल्कि धरातल पर पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करे।

 


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