
सरायकेला – विश्व जल दिवस के उपलक्ष्य में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा सरायकेला के मुंडाटांड़ पंचायत भवन परिसर में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रविवार को आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा, जिप उपाध्यक्ष मधुश्री महतो, प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) यस्मिता सिंह और ग्राम मुखिया दशरथ महाली ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इससे पूर्व, स्थानीय परंपरा के अनुसार जल स्रोतों की पूजा-अर्चना की गई। इसके पश्चात ‘जल सहिया’ महिलाएँ कलश में जल लेकर कार्यक्रम स्थल पहुँचीं, जो जल के महत्व का प्रतीक बना।

मुख्य अतिथि सोनाराम बोदरा ने गंभीर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि
“जिले के कई प्रखंडों में जलस्तर 500 से 600 फीट नीचे चला गया है। यदि हम अभी नहीं संभले, तो आने वाले दिनों में स्थिति अत्यंत भयावह हो सकती है। जल संरक्षण के कार्यक्रम केवल ‘जल दिवस’ तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि इसे निरंतर जारी रखना होगा ताकि जन-जन में जागरूकता आए।”
पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता ललित इंदवार ने राजस्थान का उदाहरण देते हुए कहा कि वहाँ लोग पानी की बूंद-बूंद के लिए संघर्ष करते हैं। हमें उस स्थिति से बचने के लिए आज से ही जल संचयन की आदत डालनी होगी। कार्यक्रम को जिप उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने भी संबोधित किया और ग्रामीणों को पानी बचाने हेतु प्रेरित किया।
इस अवसर पर उप मुखिया वासुदेव महतो, भारी संख्या में जल सहिया दीदी तथा ग्रामीण उपस्थित रहे।
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