
राँची/चांडिल: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान ईचागढ़ विधायक श्रीमती सविता महतो ने चांडिल थाना क्षेत्र के चिलगु (NH-33) स्थित अधूरे और खतरनाक पुल का मामला शून्यकाल के माध्यम से पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने इस स्थल को ‘ब्लैक स्पॉट’ बताते हुए एनएचएआई (NHAI) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।

दुर्घटनाओं का डराने वाला आंकड़ा:

सदन को संबोधित करते हुए विधायक ने चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए। उन्होंने बताया कि चिलगु स्थित फोरलेन सड़क के एक लेन का पुल पिछले तीन वर्षों से अधूरा है। एनएचएआई द्वारा पुराने पुल को ध्वस्त किए जाने के बाद से एक लेन पूरी तरह बंद है। विधायक के अनुसार, इस अव्यवस्था के कारण पिछले एक वर्ष में करीब 40 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि 300 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
NHAI की उदासीनता पर नाराजगी:
सविता महतो ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में मौतों के बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) गहरी नींद में सोया हुआ है। एक लेन बंद होने के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी होती है और अक्सर आमने-सामने की टक्कर में लोग अपनी जान गंवा रहे हैं।
अविलंब निर्माण की मांग:
विधायक ने सरकार से मांग की कि जनहित और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस क्षतिग्रस्त पुल का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कराया जाए। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यह जनता की जान से जुड़ा मामला है और इसमें किसी भी स्तर पर अब और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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