
सरायकेला: चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में अवैध बालू खनन और व्यापार के कारण जनता का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सुवर्णरेखा और शांखा नदी से अवैध रूप से बालू निकालने का काम धड़ल्ले से चल रहा है। सुबह के समय एनएच-32 और 33 पर बालू से लदे ट्रैक्टर और हाइवा बिना किसी रोक-टोक के दौड़ते नजर आते हैं, जिससे स्थानीय लोगों में प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।

बदहाल सड़कों से बढ़ी मुश्किलें

नीमडीह प्रखंड अंतर्गत बांदू तिलाईटाड़, लाकड़ी, बागड़ी और बुरुडीह जाने वाली सड़कें अवैध बालू लदे ट्रैक्टरों के चलने से पूरी तरह खराब हो चुकी हैं। इन सड़कों की इतनी बदतर हालत है कि मरीजों को अस्पताल तक ले जाना मुश्किल हो गया है। वहीं, विद्यार्थी भी स्कूल-कॉलेज जाने में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन को यह सब दिखाई नहीं देता।
JSMDCL के आदेश का उल्लंघन
यह स्थिति तब है जब झारखंड राज्य खनिज विकास निगम लिमिटेड (JSMDCL) का स्पष्ट आदेश है कि 10 जून से 15 अक्टूबर तक खनन कार्य पूरी तरह बंद रहेगा। इसके बावजूद, चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में दिन-रात बालू का खनन और परिवहन जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की इस मामले में चुप्पी एक बड़ा सवाल खड़ा करती है।
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