• Sat. Mar 21st, 2026

अभिभावकों को शिक्षा के विषय में शिक्षित करना नई शिक्षा नीति का एक अहम पहलू है: सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी

admin's avatar

Byadmin

Mar 20, 2026

 

बोकारो थर्मल

डीएवी पब्लिक स्कूल सीसीएल कथारा में त्रिदिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का शुभारंभ शुक्रवार को हुआ। शिक्षकों की यह कार्यशाला डीएवी, सीएई नई दिल्ली के तत्वाधान में क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र कथारा द्वारा आयोजित की जा रही है। इस कार्यशाला में झारखंड जोन-आई के चार विद्यालयों (कथारा, स्वांग, ललपनिया एवं दुग्धा) के शिक्षक गण शामिल हैं। कार्यशाला के उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि कथारा कोलियरी के वरीय खनन प्रबंधक कृष्ण मुरारी एवं विशिष्ट अतिथि कथारा ओपी प्रभारी राजेश प्रजापति थे। अतिथियों का स्वागत आर्य समाज की परंपरा का अनुसरण करते हुए तिलक लगाकर किया गया। तत्पश्चात विद्यालय के प्राचार्य सह- झारखंड जोन-आई के सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी डॉ.जीएन खान ने पुष्प गुच्छ देकर अतिथियों का सम्मान किया।

 

वैदिक मंत्रों के बीच दीप प्रज्वलन कर समारोह का शुभारंभ किया गया। अतिथियों के स्वागत में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सुमधुर स्वागत गान प्रस्तुत किया। स्वागत गान के पश्चात सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी ने उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया। प्राचार्य ने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत शिक्षकों को वर्ष में 50 घंटे का प्रशिक्षण लेना अनिवार्य है। 25 घंटे का प्रशिक्षण उनकी संस्था द्वारा दिया जाता है एवं 25 घंटे का प्रशिक्षण सीबीएसई के प्रशिक्षकों द्वारा दिया जाता है। इस प्रकार की कार्यशालाएं शिक्षकों की कार्य कुशलता को निखारती है। प्राचार्य ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में आए परिवर्तनों के ऊपर प्रत्येक वर्ष कार्यशालाएं आयोजित होती रहती हैं। इनमें सामान्य एवं विषय आधारित सत्रों का आयोजन किया जाता है।

शिक्षा पद्धति के आमूलचूल परिवर्तनों के अनुरूप शिक्षकों का ढलना अत्यंत आवश्यक है। प्राचार्य ने कहा कि अभिभावकों को शिक्षा के विषय में शिक्षित करना सीबीएसई के प्रशिक्षण कार्यक्रम में अंगीकृत किया गया है। बाल वाटिका के शिक्षकों को तकनीकी माध्यमों से विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे कोमल मन वाले नन्हे-मुन्नों को तराश सकें। इस कार्यशाला में प्राचार्य, सीबीएसई के रिसोर्स पर्सन एवं डीएवी के मास्टर ट्रेनर्स डिजिटल तकनीकी साधनों की माध्यम से ट्रेनिंग दे रहे हैं। उन्होंने 21वीं सदी के शिक्षा संबंधी चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि ने गुरु का महत्व बताया।

उन्होंने कहा कि हम सब आज जिस भी मुकाम पर हैं, अपने गुरुओं की बदौलत ही हैं। कोल इंडिया में भी समय-समय पर कार्य क्षमता बढ़ाने के लिए कार्यशालाएं आयोजित होती रहती हैं। अंत में डीएवी स्वांग की प्राचार्या डोलन चंपा बनर्जी ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस कार्यशाला को सफल बनाने में डीएवी ललपनिया के प्राचार्य तन्मय बनर्जी, डीएवी दुग्धा के प्राचार्य प्रसेनजीत पॉल, डीएवी भंडारीदह के प्राचार्य रितेश कुमार,

विद्यालय के एसटीएनसी नागेंद्र प्रसाद एवं डिप्टी एसटीएनसी पंकज कुमार की विशेष भूमिका रही। मंच संचालन सीसीए समन्वयक जितेंद्र दुबे, बीके दसौंधी, आराधना एवं मधुमल्लिका उपाध्याय ने किया। वहीं खुशबू कुमारी, ओशीन,चंदन झा, संगीत कुमार, रिया सिन्हा, आशा कुमारी, ममता पात्रा ने भी कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।


There is no ads to display, Please add some
Post Disclaimer

स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *